भारत‬ की ‪एकता‬ और ‪‎अखण्डता‬ - ‪ईश्वरवाद‬, ‪सेक्युलरवाद‬, धर्मवाद‬, ‪‎पाखंडवाद‬ और ‪जातिवाद‬ के कारण प्रभावित हो रही है।


#‎भारत‬ की ‪#‎एकता‬ और ‪#‎अखण्डता‬ - ‪#‎ईश्वरवाद‬, ‪#‎सेक्युलरवाद‬, ‪#‎धर्मवाद‬ , ‪#‎पाखंडवाद‬ और ‪#‎जातिवाद‬ के कारण प्रभावित हो रही है। जिसके कारण ‪#‎ग्लोबल‬ पीस इंडेक्स 2015 के अनुसार, भारत देश ‪#‎अशांति‬ के मामले में 162 देशों की सूची में 143 वें स्थान पर है अर्थात ‪#‎दुनिया‬ में कुछ देशों को छोड़ कर सबसे ज्यादा अशांति हमारे अपने देश में है। धीरे धीरे कुछ ‪#‎स्वार्थी‬ तत्वों के कारण अपने देश में अशांति बढ़ती ही जा रही है। ऐसे ‪#‎मानसिक‬ विकारों के कारण भारतीय लोगों में ‪#‎नैतिकता‬, करुणा, ‪#‎मैत्री‬ और ‪#‎शांति‬ समाप्त हो रही है और ‪#‎भारतीय‬ लोग ‪#‎पथभ्रष्ट‬ हो कर अशांति, ‪#‎हिंसा‬, ‪#‎दुश्मनी‬, ‪#‎निर्दयता‬, ‪#‎बेरोजगारी‬, ‪#‎मांसाहार‬ और ‪#‎स्वार्थ‬ की तरफ अग्रसर हो रहे हैं। जोकि देश की एकता और अखण्डता के लिए ‪#‎जहर‬ है।